UPI आसान भाषा में समझते है

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा विकसित एक तत्काल रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली है, जिसकी सुरुआत 11 अप्रैल 2016 को की गई थी। यह सिस्टम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विनियमित है। UPI इंटरफ़ेस बैंको के बीच पीयर-टू-पीयर (P2P), व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) और एक मोबाइल प्लेटफॉर्म पर दो बैंक खातों के बीच धनराशि स्थानांतरित करने की सुविधा प्रदान करता है। UPI 2.0 को 16 अगस्त 2018 मे सुरु किया गया।

RBI गवर्नर, शक्तिकांत दास ने फीचर फोन उपयोगकर्ताओं की मदद करने के उद्देश्य से 8 मार्च 2022 को UPI 123PAY नामक सेवा शुरू की।


अंतराष्ट्रीय मान्यता :

फरवरी 2022 तक, यूपीआई पर 304 बैंक उपलब्ध हैं जिनकी मासिक मात्रा 4.52 बिलियन लेनदेन है। जुलाई, 2021 में भूटान भुगतान के लिए UPI प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाला भारत का पहला पड़ोसी देश बना। सिंगापुर की लिक्विड ग्रुप ने 2022 से सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, वियतनाम, कंबोडिया, हांगकांग, ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान में UPI आधारित QR कोड भुगतान प्रणाली शुरू करने के लिए सितंबर 2021 में NIPL के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए।






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