मेंढक विवाह “कप्पल पंडम” - Frog Marriage“kappal pandum"

छत्तीसगढ़ में डोरला/दोरला (Dorlas) जनजातियों के द्वारा मेंढक विवाह की परंपरा है। ये परंपरा “कप्पल पंडम” (kappal pandum) के रूप में जनी जाती है, यह पर्याप्त बारिश पाने के लिए मेंढकों के विवाह का जश्न मनाने के लिए प्रसिद्ध हैं।

यह जश्न जहां पुजारी द्वारा तय किये गए तारीख को महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। महिलाएं मैदान से मेंढक एकत्र करती हैं और उन्हें एक नए बर्तन में रखती हैं। यह बर्तन भी एक नए कपड़े से ढका हुआ होता है। महिलाएं बर्तन गांव तक सिर पर रख के घर ले जाती है और लगभग एक सप्ताह तक रखते है जिसके बाद उन्हें जुलूस में ले जाया जाता है और पास की धारा और तालाबों में छोड़ दिया जाता है। इस अवसर के दौरान वृद्ध महिलाएं कबीले के भगवान को विशेष श्रद्धांजलि देते हैं।


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