भारत में मुग़ल साम्राज्य - Mughal Empire



भारत में मुग़ल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने वर्ष 1526 में लोदी वंश के अन्तिम सुल्तान इब्राहीम लोदी को पानीपत के प्रथम युद्ध में पराजित किया था। पानीपत के विजय के बाद बाबर का दिल्ली और आगरा पर अधिकार हो गया। वर्ष 1527 में बाबर ने मेवाड़ के शासक राणा साँगा को खनुआ के युद्ध में पराजित कर दिया, और वर्ष 1528 में बाबर ने घाघरा के युद्ध में अफ़ग़ानों को भी पराजित कर अपना शासन बंगाल और बिहार तक फैला लिया। इन विजयों ने बाबर को उत्तरी भारत का सम्राट बना दिया। मुग़ल राजवंश ने भारत में वर्ष 1526 से 1858 तक राज्य किया।

मुगल शासको के नाम :
  • बाबर ( 1526 - 1530 ई. )
  • हुमायूँ (1530 - 1540 ई. और 1555 - 1556 ई.)
  • अकबर (1556 - 1605 ई. )
  • जहाँगीर (1605 - 1627 ई.)
  • शाहजहाँ (1627 - 1658 ई.)
  • औरंगज़ेब (1658 - 1707 ई.)
  • बहादुरशाह प्रथम (1707 - 1712 ई.)
  • जहाँदारशाह (1712 - 1713 ई.)
  • फ़र्रुख़सियर (1713 - 1719 ई.)
  • रफ़ीउद्दाराजात (1719 से जून 1719 ई.)
  • रफ़ीउद्दौलाज ( 1719 से 1719 ई.)
  • नेकसियर (1719 ई.)
  • मुहम्मद इब्राहीम (1719 ई.)
  • मुहम्मदशाह रौशन अख़्तर (1719 - 1748 ई.)
  • अहमदशाह (1748 - 1754 ई.)
  • आलमगीर द्वितीय (1754 - 1759 ई.)
  • शाहआलम द्वितीय (1759 - 1806 ई.)
  • अकबर द्वितीय (1806 - 1837 ई.)
  • बहादुरशाह द्वितीय (1837 - 1858 ई.)

मुगल कालीन स्थापत्य 
इमारतस्थाननिर्माणकर्ता
काबुली बागपानीपत बाबर
दीनपनाह नगरआगरा हुमायूँ
पुराना किला दिल्ली
रोहतास गढ़ दुर्ग रोहतास शेरशाह
शेरशाह का मकबरा सासाराम शेरशाह
हुमायूँ का मकबरा दिल्ली हाजी बेगम
आगरे का किला आगरा अकबर
फतेहपुर सीकरी महल फतेहपुर सीकरी अकबर
जोधाबाई महल फतेहपुर सीकरी अकबर
जामा मस्जिद फतेहपुर सीकरी अकबर
बुलंद दरवाजा फतेहपुर सीकरी अकबर
सलीम चिश्ती का मकबरा फतेहपुर सीकरी अकबर
अकबर का मकबरा सिकंदरा जहाँगीर
एतमादुद्दौला का मकबरा आगरा नूरजहाँ
जहाँगीर का मकबरा शाहदरा ( लाहौर ) नूरजहाँ
जामा मस्जिद आगरा शाहजहाँ
ताजमहल आगरा शाहजहाँ
लाल किला दिल्ली शाहजहाँ
रबिया उददौरानी का मकबरा औरंगाबाद औरंगजेब
बादशाही मस्जिद लाहौर औरंगजेब


मुगल कालीन सहित्य
  • तुजुक-ए-बाबरी (बाबरनामा) - बाबर की आत्मकथा है, जो तुर्की भाषा में लिखी गई।
  • दीवान (काव्य-संग्रह) - तुर्की भाषा में बाबर द्वारा लिखित।
  • रिसाल-ए-उसज(खत-ए-बाबरी) - यह तुर्की भाषा में बाबर द्वारा लिखित।
  • मूबइयान(मुस्लिम कानून की पुस्तक) - यह पद्य शैली में तुर्की भाषा में बाबर द्वारा लिखित।
  • हुमायूँनामा - हुमायू की जीवनी, उनकी बहन गुलबदन बेगम द्वारा
  • फारसी भाषा में लिखित।
  • तारीखे-रशीदी - फारसी भाषा में मिर्जा हैदर दोगलत ( बाबर का मौसेरा भाई) द्वारा रचित।
  • तजकिरात-उल-वाकियात - फारसी भाषा में जौहर आफतावची (हुमायूँ का नौकर) द्वारा लिखित।
  • वाकयात-ए-मुश्ताकी - फारसी भाषा में रिज्जकुल्लाह मुश्ताकी द्वारा लिखित।
  • तोहफा-ए-अकबरशाही - अब्बास खाँ सरवानी द्वारा फारसी भाषा में लिखित।
  • नफाइस-उल-मासिर - मीर अलाद्दौला कजवीनी द्वारा फारसी भाषा में लिखा गया।
  • तारीख-ए-अल्फी-मुल्ला - दाउद द्वारा फारसी भाषा में लिखा गया।
  • अकबरनामा(आइने-अकबरी) - अबुल फजल द्वारा फारसी भाषा में लिखा गया।
  • तबकाते-अकबरी - यह फारसी भाषा में निजामुद्दीन अहमद द्वारा लिखा गया।
  • मुन्तख-उल-तवारीख - यह फारसी भाषा में अब्दुल कादिर बदायूँनी द्वारा लिखा गया।
  • तुज़्क-ए-जहांगीरी (जहाँगीर की आत्मकथा) - वर्ष तक का वृत्तांत जहांगीर ने स्वायं लिखा है, फिर अस्वस्थता के कारण शेष वृत्तांत लिखने का कार्य मुदामिद ख़ाँ सौंंपा।
  • मआसिरे-जहाँगीरी - यह फारसी भाषा में ख्वाजा कामगार द्वारा रचित है।
  • पादशाहनामा - मोहम्मद अमीन कजवीनी द्वारा फारसी भाषा में रचित।
  • अमल-ए-सालेह - फारसी भाषा में मोहम्मद सालेह द्वारा।
  • चहार-चमन - फारसी भाषा में चंद्रभान द्वारा रचित।
  • शाहजहाँनामा - फारसी भाषा में इनायत खाँ द्वारा।
  • आलमगीरनामा - यह फारसी भाषा में काजिम शीराजी द्वारा रचित।
  • वाक्यात-ए-आलमगीरी - फारसी भाषा में आकिल खाँ द्वारा रचित।
  • फुतुहात-ए-आलमगीरी - फारसी भाषा में ईश्वरदास नागर द्वारा रचित। इन्हे गुजरात के सूबेदार शुजात खां ने जोधपुर परगने में अमीन नियुक्त किया था।
  • मासिर-ए-आलमगीरी - फारसी भाषा में साकी मुसतिद खाँ द्वारा रचित।
  • मुन्तखब-उल-लुबाब - फारसी भाषा में खफी खाँ द्वारा रचित।
  • नुख्शा-ए-दिलकुशाँ - फारसी भाषा में भीमसेन सक्सेना बुरहानपुरी द्वारा रचित।
  • खुलासत-उल-तवारीख - फारसी भाषा में सुरजनराय भंडारी द्वारा रचित।
  • मज्म-उल-बहरीन - फारसी भाषा में दाराशिकोह द्वारा रचित।

अनूदित पुस्तकें:
  • रज्मनामा - फारसी भाषा में बदायूँनी,नकीब खाँ एवं अब्दुल कादिर द्वारा महाभारत के विभिन्न भागों का समकलन किया गया।
  • रामायण - इसका फारसी भाषा में संकलन अब्दुल कादिर बदायूँनी ने किया था।
  • अथर्ववेद -  इसका फारसी भाषा में संकलन हाजी इब्राहीम सरहिन्दी ने किया था।
  • भागवत पुराण - फारसी भाषा में संकलन राजा टोडरमल ने किया था।
  • भगवद् गीता - फारसी भाषा में संकलन दारा शिकोह ने किया था।
  • योगवशिष्ठ - फारसी भाषा में दारा शिकोह द्वारा संकलित ।
  • बावन उपनिषद(सिर्र-ए-अकबर) - फारसी भाषा में संकलन दारा शिकोह द्वारा।
  • कालिया दमन(अयार-अ-दानिश) - फारसी भाषा में अबुल फजल ।
  • राजतरंगिणी - फारसी भाषा में मौलाना शाह मुहम्मद शाहाबादी।
  • लीलावती (गणित की पुस्तक) - फारसी भाषा में फैजी द्वारा।
  • बाबरनामा - फारसी भाषा में अब्दुर्रहीम खानखाना एवं पायंदा खाँ द्वारा।
  • तजक या तुजुक (ज्योतिष ग्रंथ) - फारसी भाषा में जहार-ए-जहन नाम से मुकम्मल खाँ गुजराती द्वारा अनुवाद किया गया था।
  • नल-दमयंती - शेख अबुल फैज फैजी के द्वारा फारसी भाषा में अनुवादित।

अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य :
  • फतवा-ए-आलमगीरी (मुस्लिम कानून की पुस्तक) - यह एकमात्र ऐसी साहित्यिक रचना थी, जिसे औरंगजेब ने लिखने का स्वयं आदेश दिया था।
  • रामायण का बंगला भाषा में अनुवाद कृत्तिवास ने बारबकशाह के काल में किया।
  • काशीरीम दास ने बंगाल के शासक नुसरत शाह के आदेश पर महाभारत का बंगला भाषा में प्रथम अनुवाद किया था।
  • मालधर बसु ने रुकनुद्दीन बारबकशाह के शासन काल में 1473ई. में श्रीकृष्ण - विजय (बंगला) में लिखना प्रारंभ किया। उसने सुल्तान हुसैनशाह (1493-1519ई.) की आज्ञा से भगवतगीता का बंगला में अनुवाद किया। सुल्तान हुसैनशाह ने उसे-गुणराज खान की उपाधि प्रदान की।
  •  श्रीकर नंदी ने महाभारत के अश्वमेध – पर्व का बंगला में अनुवाद किया।

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