वेब ब्राउज़र क्या होता है ? What is Web Browser In Hindi



एक वेब ब्राउज़र (Web Browser) वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) या स्थानीय वेबसाइट(LOCAL HOST) तक पहुँचने के लिए एक एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर है। एक वेब ब्राउज़र में हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (HTTP) का उपयोग करके जानकारी को स्थानांतरित किया जाता है, जो परिभाषित करता है कि वेब पर टेक्स्ट, चित्र और वीडियो कैसे प्रसारित होगा।


इतिहास:

वर्ष 1990 में टिम बर्नर्स-ली ने पहला वेब ब्राउज़र बनाया था, जिसका नाम वर्ल्डवाइडवेब (WorldWideWeb) था। बाद में इसका नाम बदल कर NAXUS कर दिया गया। वर्ष 1993 में दुनिया का पहला प्रसिद्ध वेब ब्राउजर Mosaic सामने आया। Mosaic को बनाने वाले टीम के लीडर Marc Andreessen ने आगे अपनी कंपनी सुरु की Netscape जिसने वर्ष 1994 में Netscape Navigator नामक वेब ब्राउजर बनाया और यहाँ से आधुनिक वेव ब्राउज़र का दौर सुरु हुआ। 

अन्य वेब ब्राउजर

  • Internet Explorer - 1995
  • NeoPlanet - 1997
  • Safari - 2003
  • Firefox - 2004
  • Chrome - 2008
  • Edge - 2015
भारतीय 
  • Epic - 2011


मोबाइल ब्राउज़िंग

PocketWeb पहला मोबाइल ब्राउज़र था जिसे 1904 में बनाया गया था। ओपेरा सॉफ्टवेयर ने अपनी स्मॉल स्क्रीन रेंडरिंग (SSR) और मीडियम स्क्रीन रेंडरिंग (MSR) तकनीक के साथ मोबाइल ब्राउज़िंग में अग्रणी भूमिका निभाई है। ओपेरा वेब ब्राउज़र छोटे स्क्रीन और मध्यम आकार स्क्रीन पर वेब पेजों को पुन: स्वरूपित ( Reformat ) करने में सक्षम था। यह ACID2 परीक्षण पास करने वाला पहला मोबाइल ब्राउज़र था।


हाइपरलिंक्स, कुकीज और यूआरएल (Hyperlink, cookies and URL):

हाइपरलिंक्स, इस पर क्लिक कर कर उपयोकर्ता अन्य वेब पेज या वेबसाइट पर पहुच सकता है। जिस टेक्स्ट से लिंक किया जाता है उसे एंकर टेक्स्ट (Anchor text) कहते है। प्रत्येक वेबपेज, छवि और वीडियो का अपना विशिष्ट यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL) होता है, जिसे वेब एड्रेस के रूप में भी जाना जाता है।

डोमेन और यूआरएल में अंतर:

URL एक संपूर्ण वेब पता होता है जिसका उपयोग किसी विशेष वेब पेज को खोजने के लिए किया जाता है। जबकि डोमेन वेबसाइट का नाम है, एक यूआरएल वेबसाइट के भीतर किसी एक पेज पर ले जाएगा। प्रत्येक URL में एक डोमेन नाम होता है, साथ ही पेज, छवि और वीडियो पता लगाने के लिए आवश्यक अन्य घटक भी होते हैं।

वेबसाइटें (वेबसर्वर) उपयोकर्ता के बारे में जानकारी को कुकीज़ (cookies) नामक फाइलों में उपयोकर्ता के कंप्यूटर/मोबाइल में ही सहेजती हैं। जब उपयोकर्ता उस साइट पर जाता हैं तो वेबसाइट कोड उस फ़ाइल को पढ़कर देखेगा कि यह आप ही हैं। कुकीज़ का इस्तेमाल वर्ष 1994 से हो रहा है।






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