अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास - History of international Womens day

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (IWD) को पूरी दुनिया में महिलाओं की सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक आर्थिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। 


इसकी सुरुआत कैसे हुई?

"नेशनल वूमन्स डे" नामक महिला दिवस का आयोजन सबसे पहले 28 फरवरी, 1909 को न्यूयॉर्क शहर में आयोजित किया गया था, जिसका आयोजन सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका के कार्यकर्ता थेरेसा मल्कील के सुझाव पर किया गया था। अगस्त 1910 में, डेनमार्क के कोपेनहेगन में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी महिला सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमे प्रतिवर्ष "Women's Day ( महिला दिवस )" मनाने का निर्णय लिया गया, परंतु कोई तारीख सुनिश्चित नहीं किया गया।

19 मार्च, 1911 को, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में दस लाख से अधिक लोगों द्वारा पहले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को चिह्नित किया गया था। वर्ष 1914 में, जर्मनी में पहली बार 8 मार्च को "अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस" आयोजित किया गया था। 8 मार्च को चुनने के पीछे महत्वपूर्ण कारण, इस तारीख को रविवार था।


साम्यवादी (Communist) देशों में:

8 मार्च, 1917 को, पेत्रोग्राद में महिला कपड़ा श्रमिकों ने "रोटी और शांति" की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू किया, उन्होंने पूरे शहर को घेर लिया। इस प्रदर्शन को प्रथम विश्व युद्ध का अंत, भोजन की कमी के लिए किया गया था। चूंकि यह प्रदर्शन जूलियन कैलेंडर के 23 फरवरी से हुआ था, इस वजह से इसे फरवरी क्रांति कहा गया। इस क्रांति से प्रभावित हो कर अक्टूबर क्रांति के साथ-साथ अन्य रूसी क्रांति हुई। वर्ष 1917 में, बोल्शेविक एलेक्जेंड्रा कोल्लोंताई और व्लादिमीर लेनिन ने सोवियत संघ में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (IWD) को आधिकारिक अवकाश बना दिया। 8 मई, 1965 को, सर्वोच्च सोवियत के प्रेसिडियम ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को USSR में एक गैर-कार्य दिवस घोषित किया। चीनी कम्युनिस्टों ने भी वर्ष 1922 में अवकास रखा। 1 अक्टूबर, 1949 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के बाद, स्टेट काउंसिल ने 23 दिसंबर को 8 मार्च के आधिकारिक अवकाश की घोषणा की। इसमे महिलाओं को आधे दिन की छुट्टी दी गई।


संयुक्त राष्ट्र (United Nation):

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1975 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना शुरू किया, इस वर्ष को अंतर्राष्ट्रीय महिला वर्ष घोषित किया गया था। वर्ष 1977 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सदस्य देशों को महिलाओं के अधिकारों और विश्व शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक अवकाश के रूप में 8 मार्च को घोषित करने के लिए आमंत्रित किया।

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