करमा नृत्य

करमा नृत्य छत्तीसगढ़ का एक लोक नृत्य है। करमा नृत्य परंपरा भारत की कई जनजातियों में देखने को मिलती है।  करमा झारखण्ड के आदिवासियों का एक प्रमुख त्यौहार भी है। छत्तीसगढ़ में, बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर एवं बीजापुर जिले के गोंड, बैग, उरांव, कमार, कवर, पंडो, बिंझवार, बिरहोर अदि आदिवासियों में करमा नृत्य पाया जाता है।

यह नृत्य कर्म देवता को प्रसन्न करेने के लिये किया जाता है। इसमें वाद्य यन्त्र के रूप में 'मंदार' का इस्तेमाल होता है। प्रायः यह नृत्य विजयादशमी से प्रारम्भ होकर अगली वर्षा ऋतु तक चलता है।

1 comments so far

बहुत बढ़िया लेख।आप सभी को धन्यवाद।


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