प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव

आयोजन स्थल : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर
आयोजन तिथि : 27 दिसंबर, 2019 से 29 दिसंबर
हिस्सा लेने वाले : 6 देशों सहित 25 राज्यों के आदिवासी कलाकार।
6 देशो के नाम : बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, यूगांडा, बेलारूस और मालदीव।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
27 दिसंबर : राजस्थान का सहरिया स्वांग, असम का बागरूंगा नृत्य, तेलंगाना का कोया, झारखंड का छाऊ, ओडिशा का सिंगारी, गुजरात का सिद्दी, जम्मू का गुजर, हिमाचल प्रदेश का घुरई, लद्दाख का लद्दाखी, उत्तराखंड का झांझी, केरल का तैयम, महाराष्ट्र का तड़पा, तेलंगाना का गुसाड़ी, मध्यप्रदेश का भगोरिया, अरूणाचल प्रदेश का रेह, आंध्रप्रदेश का लंबाड़ी और उत्तरप्रदेश का गरद नृत्य का कलाकार प्रस्तुति देंगे। इसके बाद बांग्लादेश, बेलारूस, थाईलैंड, मालदीव और युगांडा के कलाकार।

28 दिसंबर : कोंडगांव का हुल्की, गुजरात का वसावा नृत्य, आंध्रप्रदेश का ढिमसा, त्रिपुरा का ममिता, झारखंड का पायका, तमिलनाडु का टोडा, आरूणाचल प्रदेश का आदि, राजस्थान का गवरी सहित असम और मध्यप्रदेश राज्य का नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। गुजरात का राठवा नृत्य, हिमाचल प्रदेश का किन्नौरा, पश्चिम बंगाल का संथाली, ओडिशा का दुरवा, बिहार का करमा, अंडमान निकोबार का निकोबारी, तेलंगाना का माथुरी, त्रिपुरा का होजागिरी, उत्तराखंड का हारूल, मणिपुर का थांगकुल, छत्तीसगढ़ का दंडामि माड़िया, बांग्लादेश, युगांडा, बेलारूस, थाईलैंड, मालदीव, श्रीलंका कलाकार।

29 दिसंबर : झारखंड का दमकच, दंतेवाड़ा का दंडामी, तेलंगाना, लद्दाख का नृत्य, उत्तराखंड का लाष्पा, जम्मू का बकरवाल, मध्यप्रदेश का भड़म, हिमाचल प्रदेश का गद्दी, कर्नाटक और सिक्किम का नृत्य, उत्तरखंड का मुखौटा, गुजरात, सिक्किम का नृत्य, केरल का मरायूराट्टम, त्रिपुरा का संगराई, मध्यप्रदेश का करमा, कोंडगांव का गौर मार नृत्य होगा। इसके साथ ही श्रीलंका, थाईलैड, मालदीव, बांग्लादेश, युगांडा और बेलारूस के कलाकार।

पुरस्कार
प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में तीन श्रेणियों में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इनके विजेताओं की सूची निम्न है:-

प्रथम श्रेणी विवाह एवं अन्य संस्कार :
प्रथम पुरस्कार- गौर माडिय़ा छत्तीसगढ़ चंदन सिंह बघेल दल।
द्वितीय पुरस्कार- डमकच झारखंड के किशोर नायक दल। तृत्तीय पुरस्कार- (संयुक्त रूप से) विवाह नृत्य लद्दाख के सोनम सोपेरी टीम एवं तमांग सेलो, सिक्किम गायत्री राय दल।

द्वितीय श्रेणी पारंम्परिक त्यौहार एवं अनुष्ठान:
प्रथम पुरस्कार - सिंगारी ओडिसा के ध्यानानंद पेडा दल।
द्वितीय पुरस्कार - तारपा, महाराष्ट्र के राजन वैद्य दल।
तृतीय पुरस्कार -  (संयुक्त रूप से) छाऊ, झारखंड प्रभात महतो दल एवं कोमकोया, आंध्रप्रदेश मधु को तथा सांत्वना पुरस्कार सगोरिया, मध्यप्रदेश गोविंद गहलोत।

तृतीय श्रेणी फसल कटाई एवं कृषि:
प्रथम पुरस्कार - करमा तिहार, बिहार के रणधीर दल,
द्वितीय पुरस्कार - झिंझी, उत्तर प्रदेश बंटी राणा दल
तृतीय पुरस्कार - (संयुक्त रूप से) ममीता, त्रिपुरा, अशोक बमज़्न टीम एवं टोडा, तमिलनाडु असमामल्ली दल।