भारत में जनगणना का इतिहास एवं वर्तमान

सेंसस/Census ( हिंदी - जनगणना ) शब्द रोमन शब्द सेंसर (Censor) से बना है। वर्तमान भारत में जनगणना प्रत्येक 10 वर्षो में किये जाने वाली प्रक्रिया है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ो का इस्तेमाल केंद्र/राज्य सरकारें पॉलिसियां बनाने के लिए करती हैं। लोकसभा, विधानसभा के साथ ही स्थानीय स्तर पर होने वाले चुनावों में रिजर्वेशन/आरक्षण के लिए भी जनगणना के डेटा का इस्तेमाल किया जाता है।


भारत तथा विश्व में जनगणना का इतिहास
जनगणना का प्रारंभ रोम के छठे राजा सर्वियत टालियस (578-534 ई.पू.) ने किया था। ऑगस्टस ने 5 ई.पू. इस रीति को संपूर्ण रोम साम्राज्य में प्रचलित कर दिया। इंग्लैंड में जनगणना की सुरुवात 1801 में की गई थी।

भारत में जनगणना:
भारतीय जनगणना के इतिहास को दो भागों में बांटा जा सकता है। आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद। आजादी से पहले, किसी भारतीय शहर की पूरी जनगणना 1830 में हुई थी। ढाका (अब बांग्लादेश की राजधानी) में हेनरी वाल्टर ने करवाई थी। इस जनगणना में सेक्स, उम्र, घर जैसी चीजों की जानकारी लोगों से ली गई थी. 1866-67 में देश के अधिकतर हिस्सों में लोगों की गिनती की गई थी, जिसे 1872 के सेंसस के तौर पर जाना जाता है। 1881 के बाद लार्ड रिपन के काल से प्रत्येक 10 वर्षो में लगातार जनगणना हुए हैं।
आजादी के बाद, भारत में पहली जनगणना 1951 में हुई थी। आज़ादी के बाद भारत में जनगणना एक्ट 1948 और 1990 के जनगणना नियमों के तहत पूरी की जाती है।

जनसंख्या विभाजक रेखा:
वर्ष 1921 को जनसंख्या विभाजक रेखा कहा जाता है। क्यो कि, वर्ष 1911 से 1921 के दशक में भारत में पहली एवं अन्तिम बार जनसंख्या वृद्धि दर ऋणात्मक रही है। वर्ष 1921 के पश्चात् भारत की जनसंख्या निरन्तर बढ़ने के क्रम में रही है। इसलिए वर्ष 1921 को जनसंख्या विभाजक वर्ष कहा जाता है।

संविधान
भारतीय संविधान की धारा-246 के अनुसार देश की जनगणना कराने का दायित्व संघ सरकार को सौंपा गया है। यह संविधान की सातवीं अनुसूची की क्रम-संख्या-69 पर अंकित है। जनगणना संगठन केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत है, जिसका उच्चतम अधिकारी भारत का महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त (Registar General and Census Commissioner of India) होता है। यह देश भर में जनगणना संबंधी कार्यों को निर्देशित करता है तथा जनगणना के आँकड़ों को जारी करता है वर्तमान में भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त विवेक जोशी है।

2011 की जनगणना
वर्ष 2011 की जनगणना में कुल 29 सवाल पूछे गए थे। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी 1 अरब 21 करोड़ है, जो विश्व की कुल आबादी की 17.5 फीसद जनता भारत में है। 2001 की जनगणना में ये आंकड़ा 16.8 फीसद था। उत्तर प्रदेश करीब 20 करोड़ लोगों के साथ देश में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य है और सिक्किम करीब 6 लाख लोगों के साथ सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य है।
2011 में पहली बार NPR (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर- राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) तैयार किया गया था, इसे सरकार ने वर्ष 2016 में जारी किया था।

2021 की जनगणना
यह भारत की16वीं और आज़ाद भारत की 8वीं जनगणना होगी। इस जनगणना में कुल 34 सवाल पूछे जा सकते हैं


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