घनश्याम सिंह गुप्त - Ghanshyam Singh Gupt

घनश्‍याम सिंह गुप्‍त का जन्‍म 22 दिसंबर, 1885 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग में हुआ था। इन्होने जबलपुर के राबर्टसन कॉलेज से बीएससी (गोल्ड मेडल के साथ) वर्ष 1906 में और वर्ष 1908 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एल.एल.बी. की पढ़ाई पुरी की। 13 जून 1976 को उनका निधन हुआ। संजीव तिवारी ने घनश्याम सिंह गुप्त के पर किताब "विधान पुरुष: घनश्याम सिंह गुप्त" लिखी है।


राजनीति:

वर्ष 1915 में मध्य प्रांत एवं बरार के प्रांतीय परिषद के सदस्य चुने गए। 1923 से 1926 सेंट्रल प्रोविंस एंड बरार विधानसभा के निर्विरोध सदस्य निर्वाचित हुए, 1927-1930 के कार्यकाल में भी निर्वाचित हुए और प्रदेश विधान सभा के कांग्रेस दल के नेता चुने गए। इस बीच आप सन् 1926 में दुर्ग नगर निगम के भी अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। वर्ष 1930 में दिल्ली के सेंट्रल असेंबली सदस्‍य के लिए हुए चुनाव में आप सदस्‍य निर्वाचित हुए जहां सन् वे 1937 तक सदस्‍य रहे। वर्ष 1933 में गांधी जी जब दुर्ग आए तब इनके घर में ठहरे थे 31 अप्रेल 1937 से 1952 तक सीपी और बेरार (CP & Berar) के विधान-सभा अध्‍यक्ष रहे। 


हिन्‍दी ड्राफ्ट कमेंटी :

वर्ष 1939-50 - संविधान सभा में संविधान के हिन्‍दी ड्राफ्ट कमेंटी के अध्‍यक्ष रहे। 24 जनवरी, 1950 को घनश्याम सिंह गुप्त नें संविधान के हिन्दी अनुवाद की प्रति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के समक्ष प्रस्तुत की। घनश्याम सिंह गुप्त के नेतृत्व में 2 वर्ष और 6 माह में भरतीय संविधान का हिंदी ड्राफ्ट तैयार किया गया था।






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