आजाद हिंद बैंक - Azad Hind Bank


आज़ाद हिंद बैंक की स्थापना 5 अप्रैल 1944 को सुभाष चन्द्र बोस  के द्वारा रंगून, बर्मा में की गाई थी। इस बैंक के अध्यक्ष देबनाथ दास (Debnath Das) थे।


स्थापना :

सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को आज़ाद हिंद की सरकार बनाई और इसके तुरंत बाद बोस ने 23 अक्टूबर 1943 को ब्रिटिश राज और उसके सहयोगियों के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।

ब्रिटिश राज से भारत की मुक्ति के लिए दुनिया भर से भारतीय समुदाय द्वारा दान किए गए धन का प्रबंधन करने के लिए आज़ाद हिंद बैंक की स्थापना की। बोस ने बैंक की सेवाओं का उपयोग आज़ाद हिंद फ़ौज के संचालन के लिए करते थे। बैंक ने जापान के कब्जे वाले देशों में अपनी शाखाएं बना रखीं थी। मुद्रा को प्रॉमिसरी नोट के रूप में जारी किया गया था, और ये नोट आमतौर पर एक तरफ छपे होते थे। आजाद हिंद बैंक ने 10 रुपए के सिक्के से एक लाख रुपए तक के नोट जारी किए थे। इनमें से 10 हजार रुपए के नोट पर खुद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छपती थी।




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