इस युद्ध के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को जहांगीर ने भारत में व्यापार करने की अनुमति दे दी थी Battle of Swally



स्वाली का युद्ध 29 नवंबर, 1612 को पुर्तगाली सेना और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच गुजरात में सूरत शहर के पास सुवाली गांव के बंदरगाह पर हुआ था।


कारण ?

सूरत से 12 किलोमीटर दूर स्वाली/स्वाल्ली में ब्रिटिश व्यपार करना चाहते थे परन्तु यह पुर्तगाल के व्यापार का शहर था। पुर्तगालियों ने कई अंग्रेज अधिकारियों को बंदी बना लिया था। पुर्तगाल अपने व्यापारिक एकाधिकार को छोड़ना नहीं चाहता था। इस वजह वे ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में व्यापार नहीं करने देना चाहते थे। 

ब्रिटेन के प्रिंस से वर्स 1612 में थॉमस बेस्ट नाम के ब्रिटिश अधिकारी भारत के सूरत तट पर पहुंचे। यहां से उन्होंने अपने प्रतिनिधि को वहां के स्थानीय शासक के पास भेजा ताकि वह क्षेत्र में व्यापार करने की अनुमति पा सकें। परंतु उन दोनों प्रतिनिधियों को बंदी बना लिए गया। ब्रिटिस स्वाली के तट पर पहुंच गई। स्वाली उस वक्त मुगल शासक सरदार खान के कब्जे में था। उसने मुगल शासक सरदार खान स्थानीय शाषकों से ट्रीटी साइन करवाया और स्थानीय क्षेत्र में व्यापार करना शुरू किया। यह बात पुर्तगालियों को अच्छी नहीं लगी। परिणाम स्वरूप, 29 नवंबर 1612 इस्वीं को पुर्तगाली सेना और ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के बीच स्वाल्ली का युद्ध हुआ, जिसने पुर्तगाल की हार हुई।


परिणाम :

इस युद्ध के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को बहुत फायदा हुआ था। 1612 में मुगल शासक जहांगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में व्यापार करने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद कंपनी ने तटीय भारत में कई कारखानों की स्थापना की थी।


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