मैन बुकर पुरस्कार - Man Booker Prize


बुकर पुरस्कार की स्थापना सन् 1969 में इंगलैंड की बुकर मैकोनल कंपनी द्वारा की गई थी। इसमें 60 हज़ार पाउण्ड की राशि विजेता लेखक को दी जाती है।  बुकर पुरस्कार राष्ट्रकुल (कॉमनवैल्थ) या आयरलैंड के नागरिक द्वारा लिखे गए मौलिक अंग्रेजी उपन्यास के लिए हर वर्ष दिया जाता है। मैन बुकर पुरस्कार फ़ॉर फ़िक्शन (अंग्रेज़ी: Man Booker Prize for Fiction) जिसे लघु रूप में मैन बुकर पुरस्कार या बुकर पुरस्कार भी कहा जाता है। प्रथम विजेता पी. एच. न्यूबी है।


भारतीय मूल के लेखक : 

सलमान रुश्दी को वर्ष 1981 में 'मिडनाइट्स चिल्ड्रन' के लिए, अरूंधति रॉय को वर्ष 1997 'द गॉड ऑफ स्माल थिंग्स' के लिए, किरण देसाई को वर्ष 2006 'द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस' के लिए और अरविंद अडिगा को वर्ष 2008 में 'व्हाइट टाइगर' के लिए बुकर पुरस्कार मिल चुका है।

 
भारतीय विजेता :

भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री को उनके उपन्यास 'रेत समाधि' के लिए वर्ष 2022 का बुकर पुरस्कार प्रदान किया गया।  इनका मूल उपन्यास हिंदी में है जिसे अंग्रेजी में "Tomb Of Sand" नाम से अनुवाद किया गया है। यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली किसी भी भारतीय भाषा की पहली पुस्तक है।




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