महाराणा प्रताप संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य जो आप को जानने चाहिए



महाराणा प्रताप एक वीर राजपूत योद्धा थे जिन्होंने मुगलो की अधीनता स्वीकार नही की और अपने राज्य को स्वतंत्र बनाये रखने के प्रयास में मृत्युपर्यन्त लगे रहें। ऐसे योद्धा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य निम्न है जिन्हें आप को जानने चाहिए :

  • महाराणा प्रताप का जन्म मेवाड़ के उदय सिंह द्वितीय और जयवंता बाई के घर, भारतीय पंचांग के अनुसार विक्रम संवत 1597 की ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया रविवार को सूर्योदय से 47 घड़ी, 13 पल पर कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था। हालांकि जन्म के दिन अंग्रेजी वर्ष 1540 के मई महीने की 9 तारीख थी।
  • उनके छोटे भाई शक्ति सिंह, विक्रम सिंह और जगमल सिंह थे। प्रताप की 2  बहनें भी थीं: चांद कंवर और मान कंवर।
  • इनका राज्यभिषेक 28 फरवरी, 1572 गोगुंदा मे हुआ था। दूसरी बार राजतिलक कुंभलगढ़ दुर्ग में 1 मार्च 1573 को हुआ था।
  • महाराणा प्रताप के गुरु का नाम श्री राघवेंद्र था। श्री राघवेंद्र जी से पूर्ण रूप से सारी अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा प्राप्त की।
  • हल्दीघाटी की लड़ाई 18 जून 1576 को प्रताप सिंह और आमेर के मान सिंह प्रथम के नेतृत्व वाली मुगल सेना के बीच लड़ी गई थी।
  • महाराणा प्रताप ने 1577, 1578 और 1579 में तीन बार मुगलो को हराया।
  • 1582 में, प्रताप सिंह ने देवर की लड़ाई में देवर (या देवर) में मुगल चौकी पर हमला किया और कब्जा कर लिया। इस युद्ध का परिणाम यह हुआ कि 36 हजार मुगल सैनिकों ने महाराणा प्रताप के सामने आत्मसमर्पण कर दिए और मेवाड़ में मुगलों के सभी 36 चौकियों को बंद कर दिया गया।
  • मुगल सम्राट अकबर ने वर्ष 1584 ई. को आमेर के भारमल के छोटे पुत्र जगन्नाथ कछवाहा को प्रताप के विरुद्ध भेजा। वह भी सफलता नहीं पा सका अपितु उसकी मांडलगढ़ में मृत्यु हो गई। 
  • 1585 से अपनी मृत्यु तक राणा ने मेवाड़ के एक बड़े हिस्से को पुनः प्राप्त कर लिया था, और मेवाड़ से पलायन कर चुके नागरिक इस दौरान वापस लौटने लगे।
  • महाराणा प्रताप की मृत्यु 19 जनवरी, 1597 ई. को  ‘चावंड’ में हुई।



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