छत्तीसगढ़ी भाषा (Chhattisgarhi Language) से संबंधित 10 रोचक तथ्य


छत्तीसगढ़ी (Chhattisgarhi) एक इंडो-आर्यन भाषा है, जो छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बोली जाती है। यह हिंदी और अंग्रेजी के साथ छत्तीसगढ़ में एक आधिकारिक भाषा है। भारतीय राष्ट्रीय जनगणना द्वारा इसकी बोली के रूप में गिना जाता है। 


छत्तीसगढ़ी भाषा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 28 नवम्बर को छत्तीसगढ़ में "छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस" मनाया जाता है।
  • छत्तीसगढ़ी भाषा को क्षेत्रो के हिसाब से 5 भागो में बांटा गया है। केंद्रीय, पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ी।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 1.6 करोड़ लोग छत्तीसगढ़ी भाषा बोलते है।
  • वर्ष 1885 में प्रथम छत्तीसगढ़ी व्याकरण की रचना हीरालाल काव्योपाध्याय द्वारा की गई थी।
  • छत्तीसगढ़ी भाषा में स्त्रीलिंग - पुल्लिंग का अंतर केवल संज्ञा में देखने को मिलता है। जैसे नोनी और बाबू। क्रिया की बात करें तो स्त्रीलिंग-पुल्लिंग का कोई भेद नहीं होता है। जैसे हिंदी में "मैं खाना खा चुका हूं" को छत्तीसगढ़ी को एक लड़का भी 'मैं खा डरेंव' बोलेगा और लड़की भी। हिंदी की तरह चुका हूं/ चुकी हूं अलग से बोलने की जरूरत नहीं है।
  • छत्तीसगढ़ी भाषा में श, ष, त्र , ज्ञ, क्ष, ऋ अक्षरों का प्रयोग नहीं होता है। 

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