बिलासपुर - Bilaspur Chhattisgarh

बिलासपुर यह छत्तीसगढ़ राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। छत्तीसगढ़  राज्य का उच्चा न्यायलय बिलासपुर ( बोदरी गाँव ) में स्थित है, जिस वजह से इसे छत्तीसगढ़ के ' न्याय धानी '  के नाम से जाना जाता है।

यह शहर बिलासपुर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। बिलासपुर नॉर्थ ईस्ट छत्तीसगढ़ क्षेत्र के वाणिज्यिक केंद्र और व्यापार केंद्र है। यह भारतीय रेलवे के लिए भी एक महत्वपूर्ण शहर है, क्योंकि यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन और बिलासपुर रेलवे डिवीजन का मुख्यालय है। यह साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड का भी मुख्यालय है।


इतिहास
बिलासपुर जिला  ब्रिटिश सरकार के प्रबंधन में 1818 में लिया गया था।  वर्ष 1854 में ब्रिटेन की ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अधिकार में लिया गया था । नागपुर राज्य की भोसले के तहत जमींदार / और बिलासपुर में अकबर खान, वजीर खान, साओ तरह जमींदारों दूसरों के कई सूबेदार वहाँ थे।

बिलासपुर जिले 1861 में गठित किया गया था, तथा 1867 में बिलासपुर ईसे नगर पालिका बनाया गया। भारत ऐतिहासिक रिकॉर्ड  इम्पीरियल गजट, खंड 8, 1908 के अनुसार शहर 17 वीं सदी में "बिलासा " के नाम से एक मछुवारन के नाम पर इस शहर का नाम है।  

वर्ष 1910 में ए.ई नेल्सन के नेतृत्व में बिलापुर गजेटियर बनाया गया।
जनगणना २०११ 
बिलासपुर नगर पालिका की आबादी 331030 है । बिलासपुर जिले की आबादी २६,६३,६२९ है, जनसंख्या के आधार पर छत्तीसगढ़ तीसरा ( रायपुर पहला है ) सबसे बड़ा जिला है।  इसकी शहरी क्षेत्र की आबादी ६,७९,८७०  है। लिंगानुपात ९७१ है। बिलासपुर साक्षरता दर ७० % है।  


पर्यटन
मल्हार: डिडनेश्वरी देवी, मल्हार मन्दिर, पतालेश्वर मंदिर, चतुर्भुजी विष्णु, देउर मन्दिर
रतनपुर, तालागांव।

चम्पी/Champi बाँध:
यह बाँध बिलासपुर से करीब 95 किलोमीटर की दुरी पर अचानकमार में स्थित है। यह अत्यंत सुंदर पिकनिक स्पॉट है। यह इलाका घने जंगल से घिरा हुआ है।


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