झारखंड की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम

1.अजय नदी -  मुंगेर (बिहार)
सहायक नदियाँ : पथरो एवं जयंती । 2.कोआ नदी - गोड्डा और पाकुड़।

3.खरकई नदी - सिमलीपाल (मयुरभंज, उड़िसा)
स्वर्ण रेखा नदी की एक बड़ी सहायक नदी है। ओडिशा और झारखंड राज्य के बीच की सीमा बनाते हैं।
झारखंड में प्रवेश करने के बाद इसकी सहायक नदियाँ : टोरलो और इली गारा हैं।

4.गुमानी नदी - राजमहल
सहायक नदियाँ : मेरेल।

5.दामोदर नदी - छोटानागपुर का पठारी भाग
यह झारखण्ड की सबसे बड़ी व लम्बी नदी है। दमोदर नदी को देव नदी के नाम से भी जाना जाता है। यह झारखण्ड की सर्वाधिक प्रदुषित नदी है। 'दामोदर नदी घाटी' परियोजना 7 जुलाई, 1948 को स्वतंत्र भारत की पहली बहुउद्देशीय परियोजना के रूप में अस्तित्व में आई।

6.दक्षिण कोयल नदी -  नगड़ी राँची
सबसे बड़ी सहायक नदी : कारो।

7.उत्तरी कोयल नदी - पिस्का(रांची पठार)
अपने उदगम से 255 किलोमीटर की दूरी तय कर इस नदी का विलय सोन नदी में हो जाती है। सहायक नदियाँ : औरंगा, अमानत।

8.चानन/पंचानन नदी - उत्तरी छोटानागपुर का पठारी भाग
9.फल्गु नदी - उत्तरी छोटानागपुर का पठारी भाग
10.मोर/मयूराछी नदी - तिउड़ पहाड़ी (देवधर)

11.शंख नदी - गुमला
शंख एवं दक्षिणी कोयल नदी उड़ीसा में एक -दूसरे से मिलती है।
सहायक नदियां :चिर्रा,लावा,केदार तथा कोक। विशेष - शंख नदी छत्तीगसढ़ और झारखंड सीमा जोड़ती है।

12.सकटी नदी - उत्तरी छोटानागपुर का पठारी भाग

13.स्वर्णरेखा नदी - छोटानागपुर का पठारी भाग(नगड़ी-राँची)
झारखण्ड की एकमात्र नदी जो स्वतंत्र रूप से बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
सहायक नदियाँ : जुमार, रारु, कांची, खरकाई, संजय, बराकर, बोकारो, कोनार एवं भेड़ा।

14.अमानत नदी - हजारीबाग सहायक नदियाँ : जिनजोई, सपनी, मेल और पिरी। 15.सोन नदी - अमरकंटक


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