रायपुर का डे भवन - स्वमी विवेकानंद जी ने बिताए दो वर्ष


छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोतवाली चौक से कालीबाड़ी चौक की ओर जाने वाली सडक़ पर बाएं हाथ में डे भवन स्थित है। वर्ष 1877 में 14 साल का किशोर नरेन्द्र नाथ अपने पिता विश्वनाथ दत्त सहित मां भुवनेश्वरी देवी, छोटे भाई महेन्द्र व बहन जोगेन्द्रबाला के साथ रायपुर में रायबहादुर भूतनाथ डे के घर पर करीब दो साल रहे। विवेकानंद जी के पिता विश्वनाथ दत्त पेशे से वकील थे। काम के सिलसिले में ही वे रायपुर आए थे।

डे भवन से नजदीक ही बूढ़ा तालाब स्थित है। बताते हैं कि रायपुर में रहने के दौरान नरेन्द्र नाथ (स्वामी विवेकानंद) स्नान करने बूढ़ा तालाब ही जाया करते थे, इसलिए ही बूढ़ा तालाब को शासन ने विवेकानंद सरोवर नाम दिया। तालाब के बीच टापू पर स्वामी विवेकानंद की ध्यान मुद्रा में विशालकाय प्रतिमा भी स्थापित की गई है।

स्वामी विवेकानंद ने खेली रायपुर में होली:
नरेन्द्र नाथ दत्त जिन्हें बाद में विवेकानंद स्वामी के रूप में पहचान मिली। उन्होंने 1877 से 1879 के बीच बूढ़ापारा और पुरानीबस्ती क्षेत्र में रहते हुए दो साल की होली यहीं मनाई।

स्वामी विवेकानंद स्मृति संस्थान:
बजट 2020-21 में डे-भवन को स्वामी विवेकानंद स्मृति संस्थान के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव परित किया गया है। इससे पहले, वर्ष 1988 में जब अर्जुन सिंह मुख्यमंत्री थे तब इस भवन को संरक्षित करने की कोशिशें हुईं मगर बात नहीं बनी।