छत्‍तीसगढ़ राज्य अलंकरण 2020


संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने चयनित नामों की घोषणा की। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 30 विभूतियों और तीन संस्थाओं को ये पुरस्कार दिए। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में 1 नवम्बर को आयोजित कार्यक्रम में चयनितों को पुरस्कार प्रदान किए। 

विजेताओं की सूची :-


शहीद वीरनारायण सिंह सम्मान :

आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग उत्थान के लिए धमतरी जिले के सरईटोला के श्री रूपराय नेताम को।


यति यतनलाल सम्मान :

अहिंसा एवं गौरक्षा के लिए रायपुर की संस्था "बढ़ते कदम" को।


गुण्डाधूर सम्मान :

खेल के लिए हेतु दुर्ग की बैडमिंटन खिलाड़ी सुश्री आकर्षि कश्यप को। 


मिनीमाता सम्मान :

महिला उत्थान के लिए दुर्ग की श्रीमती शहाना कुरैशी को।


पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान :

अपराध अनुसंधान के लिए रायपुर की श्रीमती दिव्या शर्मा को।


ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान :

सहकारिता के क्षेत्र में कबीरधाम जिले के किसुनगढ़ के श्री बैजनाथ चन्द्राकर को।


हाजी हसन अली सम्मान :

उर्दू भाषा की सेवा के लिए धमतरी के श्री हनीफ नजमी को।


महाराजा प्रवीरचन्द्र भंजदेव सम्मान :

तीरंदाजी के लिए बिलासपुर के श्री सर्वज्ञ सिंह मरकाम का चयन को।


पं. रविशंकर शुक्ल सम्मान :

सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रायपुर के आचार्य रमेन्द्र नाथ मिश्र को।


पं. सुन्दर लाल शर्मा सम्मान :

साहित्य के क्षेत्र में संयुक्त रूप से रायपुर के डॉ. सुशील त्रिवेदी और अंबिकापुर के श्री जीवन नाथ मिश्र को।


चक्रधर सम्मान :

कला एवं संगीत के लिए रायपुर के डॉ. भारती बंधु को।


दाऊ मंदराजी सम्मान :

लोक कला/शिल्प के लिए संयुक्त रूप से दुर्ग के श्री शिवकुमार "दीपक" और नारायणपुर जिले के रेमावंड के श्री रूपसाय सलाम को।


डॉ. खूबचन्द बघेल सम्मान :

कृषि के क्षेत्र में राजनांदगांव के श्री एनेश्वर वर्मा को।</p> 

 

महाराजा अग्रसेन सम्मान :

सामाजिक समरसता के लिए बिलासपुर के श्री रामावतार अग्रवाल को।


चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार :

प्रिन्ट मीडिया के लिए श्री ब्रम्हवीर सिंह तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए सुश्री ममता लांजेवार को ।


धन्वंतरी सम्मान :

आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के लिए रायपुर के डॉ. गौतम चंद जैन को।


श्रीमती बिलासा बाई केंवटिन :

मछली पालन के लिए मत्स्य विकास पुरस्कार रायगढ़ के श्री गौरव सलूजा को।


संस्कृत भाषा सम्मान :

संस्कृत भाषा के लिए रायपुर की डॉ. कुमुद कान्हे को।


डॉ. भंवर सिंह पोर्ते सम्मान :

आदिवासी सेवा एवं उत्थान के लिए धमतरी जिले के बांधा-दुगली के शंभू शक्ति सामाजिक सेवा संस्थान को।


पं. माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान :

रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा के लिए श्री राजेन्द्र धोड़पकर को।


महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव सम्मान :

श्रम के क्षेत्र में संयुक्त रूप से अंबुजा सीमेंट लिमिटेड के भाटापारा यूनिट और रायगढ़ के श्री हरीश मित्तल को।


बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान :

विधि के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य हेतु वर्ष 2018-19 के लिए संयुक्त रूप से डॉ. निर्मल शुक्ला व श्री विनोद चावड़ा को।


बिसाहूदास महंत पुरस्कार :

बुनकरों को वर्ष 2016-17 के लिए संयुक्त रूप से जांजगीर-चांपा के श्री राजेश देवांगन और श्री मधुसूदन देवांगन को तथा वर्ष 2017-18 के लिए संयुक्त रूप से रायगढ़ के श्री राजेश देवांगन व जांजगीर-चांपा के श्री विरेन्द्र देवांगन को।


राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार :

संयुक्त रूप से बलौदाबाजार के श्री कृष्ण कुमार देवांगन व जांजगीर-चांपा के श्री मनहरण देवांगन।


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