छत्तीसगढ़ में खनिज (khanij) संपदा – Mineral wealth in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ औद्योगिक खनिज संपदा से परिपूर्ण है। वित्तीय वर्ष 2019-20 (अप्रैल 19 से फरवरी 2020) में देश के कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य का हिस्सा 21%, लौह अयस्क 14.08%, चूनापत्थर 11.98%, बॉक्साइट 7.10% तथा टिन अयस्क उत्पादन में 100% रहा। छत्तीसगढ़ राज्य का लगभग 27 प्रतिशत राजस्व खनिजों के दोहन से खनिज राजस्व के रूप में प्राप्त होता है।


कोयले के अधिक उत्पादन के कारण छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में देश का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। कुल राजस्व आय में 96 प्रतिशत हिस्सा मुख्य खनिज का एवं 4नप्रतिशत गौण खनिज का हिस्सा है।

छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा खनिजों की रियायतें प्राप्त कर खनिजों का विकास, दोहन एवं लाभार्जन किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा खनन संकियाओं से प्रभावित व्यक्तियों एवं क्षेत्र के विकास हेतु 28 जिलों में जिला खनिज संस्थान न्यास का गठन किया गया।


वर्तमान में प्रदेश में पाए जाने वाले मुख्य खनिज कोयला, चूनापत्थर, लौह अयस्क, बाक्साइट, टिन अयस्क, हीरा एवं स्वर्ण हैं। इन खनिजों के अतिरिक्त एलेक्जेंड्राइट, कार्नरूपेन, डोलोमाइट, क्वार्टजाइट, क्ले, फ्लोराइट, बेरिल, एन्डालूसाइट, कायनाइट, सिलिमेनाइट, टाल्क, सोपस्टोन, लेपीडोलाइट, गार्नेट, रनर मोल्डिंग सेंड, ग्रेफाइट, मोल्डिंग सेंड, एम्बीलीगोनाइट आदि है प्रदेश में पाई जाने वाली विभिन्न चट्टानों ग्रेनाइट, फ्लैगस्टोन (फर्शीपत्थर) मार्बल आदि आकारीय पत्थर प्रचुर मात्रा में हैं।


भारत में कुल खनिज उत्पादन ने छत्तीसगढ़ का योगदान :

  • 2012 - 13 : 7.9 प्रतिशत 
  • 2013 -14 : 8.7 प्रतिशत 
  • 2014-15 एवं 2015-16 : 8.2 प्रतिशत 
  • 2016-17 : 9.6 प्रतिशत 
  • 2017-18 : 15.66 प्रतिशत 
  • 2018-19 : 15. 11 प्रतिशत 




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