The Z1 दुनिया में प्रथम स्वतंत्र रूप से प्रोग्राम करने योग्य कम्प्यूटर - First Freely programmable computer in the world

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"Z1" दुनिया का पहला स्वतंत्र रूप से प्रोग्राम करने योग्य कंप्यूटर था जिसे कोनराड ज़ूस ( Konrad Zuse ) द्वारा डिज़ाइन किया गया था। "Z1"  बूलियन लॉजिक और बाइनरी फ्लोटिंग-पॉइंट नंबरों का उपयोग करता था, हालांकि यह संचालन में अविश्वसनीय था। इसे वर्ष 1938 में पूरा कर लिया गया था और पूरी तरह से निजी फंड से तैयार किया गया था। दिसंबर 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्लिन की बमबारी में यह कंप्यूटर नष्ट हो गया।


Z1 कंप्यूटरों की श्रृंखला में पहला था जिसे Zuse ने डिज़ाइन किया था। वर्सुच्समॉडल 1 (अर्थात् प्रायोगिक मॉडल 1) के लिए इसका मूल नाम "V1" था। WW2 के बाद, रॉबर्ट लूसर द्वारा डिजाइन किए गए उड़ने वाले बमों से अंतर करने के लिए इसका नाम बदलकर "Z1" कर दिया गया। 


प्रमुख तथ्य :

  1. वर्ष 1936 में Z1 के निर्माण के लिए Zuse ने हवाई जहाज निर्माण में अपनी नौकरी छोड़ दी।
  2. Z1 का वजन लगभग 1 टन था, जिसमें लगभग 20,000 भाग शामिल थे।
  3. Z1 के निर्देश सेट में नौ निर्देश थे और इसमें प्रति निर्देश एक से बीस चक्र लगते थे।
  4. Z1 में 64-शब्द की फ्लोटिंग पॉइंट मेमोरी थी, जहाँ मेमोरी के प्रत्येक शब्द को - कंट्रोल यूनिट से पढ़ा और लिखा जा सकता था।



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