छत्तीसगढ़ में समाचार पत्र एवं पत्रकारिता का इतिहास


छत्तीसगढ़ राज्य का प्रथम समाचार पत्र "छत्तीसगढ़ मित्र" था। जिसे माधव राव सप्रे एक मासिक पत्रिका के रूप में सन् 1900 मे पेंड्रारोड (बिलासपुर) से प्रकाशित किया था। इस समाचार पत्र का प्रकाशन 3 सालों तक हुआ। माधव राव सप्रे ने जबलपुर से कर्मवीर नामक पत्रिका के प्रकाशन मे भी अपना योगदान दिया।

पं.रविशंकर शुक्ल ने सन् 1924 मे "कन्यकुंज" नामक पत्रिका भी निकाली। बिलासपुर जिला काउंसिल ने 1930 मे मासिक पत्रिका "विकास" निकली, जिसका संपादन कुलदीप सहाय ने किया। बिलासपुर जिला काउंसिल ने  शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में1935 मे मासिक पत्रिका "उत्थान" निकली जिसका संपादन पंडित सुंदरलाल त्रिपाठी ने किया। 1935 मे हिंदी साहित्य मंडल द्वारा "आलोक" पत्रिका प्रारम्भ की, जिसका संपादन स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी एवं केशव प्रसाद ने किया।

छत्तीसगढ का प्रथम दैनिक समाचार पत्र:
"महाकौशल" छत्तीसगढ़ का प्रथम दैनिक समाचार पत्र जिसे साप्ताहिक समाचार पत्र के रूप में सन् 1934 मे सुरु रायपुर मे किया गया था, जिसके सम्पादक-पं.रविशंकर शुक्ल थे।1951 मे इसे दैनिक समाचार पत्र के रूप में प्रकाशित किया जाने लगा।

1942 मे स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी ने साप्ताहिक पत्रिका "अग्रदूत" ( वर्तमान - संध्या दैनिक ) का प्रारंभ किया। यह पत्रिका 1982 तक साप्ताहिक ही रही।
9 अप्रैल 1959 में शिवनारायण द्विवेदी ने "नवभारत" पत्रिका आरम्भ की। 19 अप्रैल 1959 मे मायाराम सुरजन ने "नई दुनिया" पत्रिका का प्रारम्भ किया। 1974 से "देशबंधु" पत्रिका का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ।
1991 मे नावभास्कर( दैनिक भास्कर), 1984 मे अमृत संदेश का प्रकाश  प्रारम्भ हुआ।

राज्य में जनसंचार : आकाशवाणी एवं दुरदर्शन


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