माता कौशल्या का मंदिर , चंदखुरी - Chandkhuri kaushalya temple

चंदखुरी, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 27 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक गांव है। इसे भगवान राम की माता कौशल्या जी का जन्म स्थान माना जाता है। गांव के जलसेन तालाब के बीचोंबीच माता कौशल्या का मंदिर बना हुआ है, जिसमें भगवान श्रीराम की माता की गोद में बैठे हुए मूर्ति है।
महिलाओं को इस मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी। इसके पीछे मान्यता थी कि यहां भगवान राम एक बच्चे की तरह मां की गोद हैं, ऐसे में अन्य महिलाएं यहां आकर भगवान श्री राम को नजर लगा देंगी। परंतु, बीतते वक्त के बाद महिलाओं को भी प्रवेश की इजाजत मिल गयी।

इतिहास
यह मंदिर 8वीं शताब्दी में सोमवंशी राजाओं के द्वारा बनवाया गया था। लोक कथाओं के अनुसार यहां राजा को माता कौशल्या ने सपने में दर्शन दे कर कहा कि वो इस स्थान पर हैं। राजा ने अपने लोगों से उस जगह पर खुदाई कराई। इस खुदाई में मिली मूर्ति को भव्य मंदिर बनवाकर उसमें स्थापित कराया गया। 1973 में इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था। 
इस गांव को औषधि ग्राम या वैद्य चंदखुरी भी कहा जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि यहां सुषेण वैद्य का आश्रम था। गांव में सुषेन वैद्य का मंदिर बना है, जिसमें एक बड़ा पत्थर भी रखा है, ऐसा माना जाता है कि सुषेण वैद्य इसी पत्थर पर बैठा करते थे।                 
 
मंदिर का महत्व
दीपावली मनाने की शुरूआत गांव के लोग इस मंदिर में दीपक जला कर करते हैं। गांव के लोग यहां दीपक जलाने के बाद ही अपने ही घरों पूजा करते हैं।
चंदखुरी