मिट्टी के रावण का वध कर मनाया जाता है दशहरा त्यौहार


छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सोनामगर गांव में दशहरा का त्यौहार का मनाने के तरीका अलग है। इस आदिवासी गांव में विजयादशमी के दिन नहीं बल्कि एकादशी को धूमधाम से मनाया जाता है। यहां मिट्टी से महिरावण की नग्न मूर्ति बनाई जाती है जिसका पुजारी काली के खड्ग से वध करता है। उसके बाद श्रद्धालु नोच-नोच कर मूर्ति की मिट्टी को अपने घर ले जाते हैं। उस मिट्टी से एक-दूसरे को तिलक लगाकर जीत की खुशी मनाते हैं।


ऐसा क्यो मनाया जाता है ?

देवी को देख कर महिरावण की वासना जाग गई थी और उसने अपने वस्त्र उतार दिए थे। इससे क्रोधित माता ने महिरावण का वध कर दिया था। ये एक तरह से वासना जैसी बुराई पर प्रहार है। इसलिए यहां के दशहरा में महिलाओं का जाना प्रतिबंधित है। source



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