श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ ( Ram Van Gaman Paryatan Paripath )

Chhattisgarh Ram Path

छत्तीसगढ़ में " श्री राम वन गमन पथ" की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अक्तूबर, 2019 में की थी। इस पथ में 75 स्थल है, जहां श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में वनगमन के दौरान भ्रमण किया जिसमें से 51 स्थल ऐसे हैं, जहां प्रभु राम ने भ्रमण के दौरान कुछ समय व्यतीत किए थे। 


पथ का लोकार्पण : 10 अप्रैल, 2022 को मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने राम नवमी के अवसर पर शिवरीनारायण में किया।


शुभारंभ : 

छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ 7 अक्टूबर, 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माता कौशल्या की नगरी चंदखुरी में आधिकारिक तौर पर किया। चंदखुरी में माता कौशल्या मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का भी लोकार्पण तथा भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊँची प्रतिमा का लाईट के माध्यम से अनावरण किया गया।


 प्रथम चरण में 9 स्थलों का विकास

योजना के तहत प्रथम चरण में 9 स्थल - सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण-खरौद (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), सिहावा-सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), रामाराम (सुकमा) का चयन किया गया है। राम वन गमन पर्यटन परिपथ के चिन्हित 9 स्थलों में से 4 स्थल रामगढ़, तुरतुरिया, सिहावा-सत्पऋषि आश्रम एवं तीरथगढ़ वन क्षेत्र में स्थित है।


इन्हे देखें :

रामपाल

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