पण्डित रविशंकर शुक्ल - Pandit Ravishankar Shukla

जन्म - २ अगस्त १८७७ ई.
स्थान - सागर ( मध्यप्रदेश )
पिता - पंडित जग्गनाथ शुक्ल
निधन -३१ दिसंबर १९५६ 

१८८५, ८ साल की उम्र में, रविशंकर सागर में अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की और वह रायपुर (छत्तीसगढ़) में अपने उच्च विद्यालय में किया। उन्होंने वर्ष १८९५ में इसी वर्ष उन्होंने नागपुर में स्थानांतरित कर दिया इंटरमीडिएट और स्नातक पूरा पाठ्यक्रम के लिए हिस्लोप कॉलेज में दाखिला लिया। इन्होने १८९९ ई. में स्नातक किया।

१९०१ में आप शिक्षण के क्षेत्र में प्रविष्ट हुए । १९०२ में खैरागढ़ रियासत में प्रधानाध्यापक के पद पर नियुक्त हुए।  कानून की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद राजनांदगांव में वकालत आरंभ किया ।  

राजनीती एवं आजादी की लड़ाई :
1921 में कांग्रेस की औपचारिक सदस्यता ग्रहण की। १९२२ में नागपुर में संपन्न मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता की थी । १९२४ ई. में 'कान्यकुंज' नामक पत्रिका निकली एवं १९३५ में राजनैतिक तथा सामाजिक चेतना जागृत करने के लिए राज्य का प्रथम दैनिक समाचार पत्र महाकोशल साप्ताहिक का प्रकाशन आरंभ किया।


१९४२ ई. के भारत छोड़ो आंदोलन का नेतृत्व का भार छत्तीसगढ़ में संभाला था। स्वतंत्रता के पूर्व पण्डित रविशंकर शुक्ल १९४६ ई. में राज्य विधानसभा में मध्यप्रांत के मुख्यमंत्री और पश्चात् अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने।   


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