बलौदाबाजार जिला Balodabazar jila

जिला - बलौदा बाजार
स्थापना - 1 जनवरी 2012
क्षेत्रफल - 4676 वर्ग किलोमीटर
जनसंख्या 2011 - 1305343
तहसील - बलौदा बाजार, बिलाईगढ़, सिमगा, कसडोल, भाटापारा, पलारी।
विकासखण्ड - बलौदा बाजार, बिलाईगढ़, सिमगा, कसडोल, भाटापारा, पलारी।
नगर पालिका - 3
नगर पंचायत - 7
ग्राम पंचायतें - 495

बलौदाबाजार तहसील की स्थापना 1905 ई. में हुई थी। यह जिला रायपुर जिला मे शामिल था। 2012 मे यह पृथक जिला बना। बलौदा बाजार का नामकरण यहाँ पुराने समय मे लगने वाले बैलो के बड़े बाजार की वजह से हुआ।
संत बाबा गुरुघासीदास का जन्म जिले के गिरौदपुरी मे 18 दिसम्बर 1756 में हुआ था। यहाँ राज्य शासन ने 172 मीटर ऊंचा जैतखंभ का निर्माण कराया है। सन् 1857 की क्रांति के प्रथम शाहिद वीर नारायण सिंह बलौदा बाजार के सोनाखान क्षेत्र के थे।

पर्यटन
गिरौदपुरी धाम, विकासखण्ड - कसडोल
दामाखेड़, विकासखण्ड - सिमगा
बार नवापारा, विकासखण्ड - कसडोल
तुरतुरिया, विकासखण्ड - कसडोल
मावली मंदिर, सिंगारपुर (विकासखण्ड - भाटापारा)
सिद्धेश्वर मंदिर, पलारी।
सोनबरसा नेचर सफारी, बलौदाबाजार सिद्धखोल जलप्रपात, विकासखण्ड - कसडोल

सिद्धेश्वर मंदिर पलारी:
सिद्धेश्वर मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के बलौदाबाजार जिले में बलौदाबाजार से रायपुर रोड पर 25 कि॰मी॰ दूर स्थित पलारी ग्राम में बालसमुंद तालाब के तटबंध पर यह शिव मंदिर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण लगभग 7-8 वीं ईस्वी में हुआ था। ईंट निर्मित यह मंदिर पश्चिमाभिमुखी है।
मंदिर की द्वार शाखा पर नदी देवी गंगा एवं यमुना त्रिभंगमुद्रा में प्रदर्शित हुई हैं। द्वार के सिरदल पर त्रिदेवों का अंकन है। प्रवेश द्वार स्थित सिरदल पर शिव विवाह का दृश्य सुन्दर ढंग से उकेरा गया है एवं द्वार शाखा पर अष्ट दिक्पालों का अंकन है। गर्भगृह में सिध्देश्वर नामक शिवलिंग प्रतिष्ठापित है। इस मंदिर का शिखर भाग कीर्तिमुख, गजमुख एवं व्याल की आकृतियों से अलंकृत है जो चैत्य गवाक्ष के भीतर निर्मित हैं। विद्यमान छत्तीसगढ़ के ईंट निर्मित मंदिरों का यह उत्तम नमूना है। यह स्मारक छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा संरक्षित है।