छत्तीगढ़ के लोक कलाकार - Chhattisgarh Ke Lokkalakar


छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार :-
1. दाऊ रामचंद्र देशमुख - 1971 में चंदैनी गोदा का गठन    किया था।
2. दुलार सिंह मंदराजी - नाचा के भीष्म पितामह, इनके नाम  पर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक पुरस्कार की स्थापना की।
3. झाडूराम देवांगन - पण्डवानी गुरू, पण्डवानी को राष्ट्रीय    पहचान दी। तीजनबाई पूनाराम निषाद इनके शिष्य है।
4. तीजन बाई - पण्डवानी की वेदमती शैली की विख्यात    गायिका। पण्डवानी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी।  पद्म श्री सम्मानित ।
5. दाऊ महासिंह चंद्राकर - इन्होंने लोरिक चंदा को ‘‘खड़े    साज शैली‘‘ में प्रस्तुत किया था। लोकनाट्य, लोकनृत्य, लो कगीत आदि सभी सांस्कृतिक विधाओं में इन्होंने अमिट छाप  छोड़ीं
6. सूरज बाई खाण्डे - भरथरी गायिका, चंदैनी और ढोला मारू  में भी छाप छोड़ीं
7. केदार यादव - सोनहा बिहाव में धूम मचाने वाले , इनका  कैसेट रंग मतिहा प्रसिद्ध हुआ।
8. देवदास बंजारे - पंथी नृत्य स्थापित करने वाले
9. केसरी प्रसाद वाजपेयी - बरसती भैया के नाम से मशहूर ,  आकाशवाणी में उदघोषक रहें
10. फिदा बाई मरकाम - दाऊ मंदरा जी की खेली नाचा पार्टी  से इन्होंने कैरियर शुरू किया। मध्यप्रदेश शासन द्वारा तुलसी  सम्मान से इन्हें सम्मानित किया गया।
11. भैयालाल हेडाऊ - चंदैनी गोंदा, सोनहा बिहाव तथा सत्यजीत राय की ‘‘सद्गति‘‘ आदि में अभिनय कर चुके है।


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