हिंदी व्याकरण

14 सितम्बर, हिंदी दिवस का इतिहास और महत्व:

भारत में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को बढ़ावा देना और उसके महत्व को पहचानना है। 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में भारत की राजभाषा के रूप में अपनाया…

संज्ञा क्या होता है ? Sangya

किसी व्यक्ति, जाति, द्रव्य, गुण, भाव, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे - मोहन (व्यक्ति), पशु (जाति), सुन्दरता (गुण), व्यथा (भाव), दिल्ली (स्थान), मारना (क्रिया)। संज्ञा के भेद ( प्रकार ): मुख्यतः संज्ञा के 3 भेद होते है, भाववाचक संज…

विकारी एवं अविकारी शब्द क्या होते है ?

हिंदी भाषा में शब्दों में विकार की दृष्टि से दो भागों में बाँटा गया है। 1.विकारी शब्द : जिन शब्दों का रूप-परिवर्तन होता रहता है वे विकारी शब्द कहलाते हैं। विकारी शब्द, लिंग, वचन, पुरुष, कारक, काल आदि से रूपांतरित होते रहते हैं। इसके अंतर्गत संज्ञा, सर…

10 जनवरी, विश्व हिंदी दिवस संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा एक अंतरराष्ट्रीय भाषा के तौर पर प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य के लिए प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।विश्व हिंदी दिवस से संबंधी कुछ महत्वपूर्ण तथ्य निम्न है, जिन्हें आप को जानने चाह…

देशज और विदेशज ( विदेशी ) शब्द क्या होते है ? उनकी सूची ( लिस्ट ) Deshaj Videshi Shabd

हिंदी भाषा में प्रोयोग होने वाले शब्दों को उनकी मूल उत्पत्ति की दृष्टि से चार प्रकारों में बांटा गया है। तत्सम तद्भव देशज  विदेशी देशज शब्द वे शब्द जिनकी उत्पत्ति देश की विभिन्न बोलियों से होती है, या जिनके मूल का पता न हो परन्तु वे प्रचलन में हों। ऐस…

हिंदी भाषा : हिंदी भाषा का इतिहास – Hindi

हिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना गया है। भारत में 4 भाषा–परिवार— भारोपीय, द्रविड़, आस्ट्रिक व चीनी–तिब्बती मिलते हैं। भारत में बोलने वालों के प्रतिशत के आधार पर भारोपीय परिवार सबसे बड़ा भाषा परिवार है। हिन्दी भारोपीय परिवार की आधुनि…

समास एवं समास विग्रह

समास का तात्पर्य है ‘संक्षिप्तीकरण’। दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नवीन एवं सार्थक शब्द को समास कहते हैं। जैसे - ‘रसोई के लिए घर’ इसे हम ‘रसोईघर’ भी कह सकते हैं। संस्कृत एवं अन्य भारतीय भाषाओं में समास का बहुतायत में प्रयोग होता है…

उपसर्ग एवं प्रत्यय - Upsarg Pratyay

उपसर्ग (उप+सर्ग) उन शब्दों या अव्ययों को कहते है, जो किसी शब्द के पहले आकर विशेष अर्थ प्रगट करे। उपसर्गो का स्वतंत्र अस्तित्व न होते हुए भी वे मिलकर विशेष अर्थ प्रगट करते है।'उपसर्ग' शब्द का अर्थ होता है पास बैठकर दूसरा शब्द बनाना। उप - …

समोच्चरित शब्द Samoccharik Shabd

समोच्चरित शब्द उन शब्दों को कहा जाता है जिन्हें बोलने व सुनने पर एक जैसा प्रतीत होता है परन्तु अर्थ भिन्न होते है। उदाहरण : ' सूत ' का अर्थ धागा, भाट व सारथी होता है। परंतु ' सुत ' का अर्थ बेटा होता है। अन्य उदाहरण :- आदि - …

पर्यायवाची शब्द Paryayvachi shabd

किसी शब्द-विशेष के लिए प्रयुक्त समानार्थक शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं। यद्यपि पर्यायवाची शब्द समानार्थी होते हैं किन्तु भाव में एक-दूसरे से किंचित भिन्न होते हैं। 1.अमृत- सुधा, सोम, पीयूष, अमिय। 2.असुर- राक्षस, दैत्य, दानव, निशाचर। 3.अ…

विपरीतार्थक शब्द या विलोम शब्द - viparitarthak shabd vilom shabd

विपरीतार्थक शब्द या विलोम शब्द ( Antonyms ) ऐसे शब्दो को कहते ह। जो किसी शब्द के उल्टे अर्थ को प्रकट करने के लिए प्रयुक्त होते है। हिंदी भाषा मे ऐसे विलोम शब्द या तो मूल शब्द के रूप में पहले से विद्दमान है, या फिर उपसर्ग लगाकर बनाए जाते है। उ…

तत्सम एवं तद्भव शब्द - Tatsam Tatbhav

तत्सम का अर्थ होता है "उसके समान"। अर्थात, ऐसे शब्द जो संस्कृत के समान है, जो शब्द संस्कृत भाषा से हिंदी भाषा मे आये है और उन्हें ज्यों का त्यों प्रयुक्त कर रहे है, उन्हें तत्सम शब्द कहते है। तत्भाव का अर्थ होता है "उससे उत्पन्न&q…

शब्द के प्रकार ( शब्द विचार ) - Shabd Ke Prakar

वर्ण एवं ध्वनि के समूह को शब्द कहा जाता है। इन शब्दों को उनके व्यूपत्ति, उत्त्पत्ति एवं प्रयोग के आधार पर बांटा गया है। व्युत्पत्ति के आधार पर :- व्युत्पत्ति के आधार पर शब्द के 3 भेद है - रूढ़, यौगिक, योग रूढ़। उत्पत्ति के आधार पर :- उत…

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