बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल - Barrister Thakur Chhedilal

जन्म - सन् १८८७ ई.
स्थान - अकलतरा ( वर्तमान में जांजगीर-चांपा जिला )
पिता - श्री पचकोड सिंह
निधन - सन् १९५७ ई.

प्रयाग के म्योर कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के पश्चात् उच्च शिक्षा हेतु ऑक्सफोर्ड गये, जहाँ इतिहास में एम.ए., एल.एल.बी.तथा बार-एट-लॉ की उपाधि प्राप्त की। लंदन में ही इंडिया हाऊस नामक क्रांतिकारी संगठन के सम्पर्क में आए तथा फ्रांस में बम निर्माण का प्रशिक्षण लिया।

१९२१ में बनारस वि.वि. एवं १९२२ में गुरुकुल कांगडी में कुछ समय तक अध्यापन का कार्य किया तथा प्रयाग की सेवा समिति का संचालक १९२६ तक थे।

१९१९ से स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय   श्री. वी.गिरी के सानिध्य में बंगाल भानपुर रेलवे श्रमिक संघ के उच्च पदों पर १९२७ से १९३२ तक थे,  तथा जल्द ही अन्तप्रांतीय राजनीतिज्ञों के प्रमुख बन गये। और १९२८ में महात्मा गांधी से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हो गए। १९३२ ई. में असहयोग आंदोलन में भाग लिया जिस  कारण बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल 2500 रुपये अर्थदण्ड भी पटाना पडा था ।

१९३२ ई. में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य बने तथा १९३२ ई. में संयुक्त प्रांतीय कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी थे । १९३७ में भारत के प्रथम आम चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में विजयी होने पर विधायक रहे तथा १९४६ में संविधान सभा के सदस्य  भी रहे ।