हनुमान सिंह(रायपुर सैन्य विद्रोह) - Hanuman Singh

हनुमान सिंह
जन्म - 1823*
मृत्यु - कोई जानकारी नहीं है।
वैसवाड़ा के राजपूत थे।

नारायण सिंह की सहादत के बाद अंचल में अशांति फ़ैल गई थी। 18 जनवरी, हनुमान सिंह ने तीसरी टुकड़ी के सार्जेन्ट मेजर सिडवेल की हत्या उसके घर में कर दी।  हनुमान सिंह तीसरे सेना के मेग्जीन लश्कर थे।
सिडवेल की हत्या की हत्या के बाद नारायण सिंह ने सिपाहियों को विद्रोह के लिए उकसाया।  लेफ्टिनेंट स्मिथ ने विद्रोह को  नियंत्रित करने का प्रयास किया।  विद्रोही सिपाहियों की संख्या १७ थी।

गिरफ्तार सैनिको पर रायपुर के डिप्टी कमिश्नर के द्वारा मुक़दमा चलाया गया। 17 विद्रोही सिपाहियों को 22 जनवरी 1858 ई. को पूरी सेना के सामने फांसी दे दी गई।

हनुमान सिंह को जिन्दा या मुर्दा पड़ने पर 500 रुपय के इनाम की घोसणा की गई, लेकिन हनुमान सिंह  की कोई सूचना नही मिली।