ढांढल नृत्य - Dhandal Nritya


ढांढल नृत्य छत्तीसगढ़ के कोरकू जनजाति के लोगो के द्वारा किया जाने वाला नृत्य है। यह एक पुरुष प्रधान नृत्य है, इसमे केवल कोरकू पुरुष ही भाग लेते है।
ढांढल नृत्य ग्रीष्म ऋतु की रातों में किया जाता है। पावस की प्रतीक्षा को नृत्य के आह्नादित अवकाश में बदलते युवक ढांढल यानी आड़ी लकड़ी को कलात्मक आयाम देते हुए लहराकर नृत्यमय आकृतियां उकेरते हैं।
कोरकू जनजाति के लोग पर्व त्योहारों में ढॉंढल के अलावा थापटी, गादली, होरोरिया, चिलौरी, आदि कई नृत्य करते है।


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