बार नृत्य - Baar Dance


'बार नृत्य' छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख लोकनृत्य है। यह नृत्य कंवर समुदाय के द्वारा की जाती है। इस समूह नृत्य की खासियत है कि पांच वर्षो के अंतराल में माघ के महीने में इसका आयोजन किया जाता है।
गांव के बीच एक खुली जगह पर बीच में भीम देवता की स्थापना कर उसके चारों ओंर कंवर समुदाय के लोग नृत्य कर पूजा करते है। यह नृत्य लगातार 12 दिनों तक चलता है। अंत में हर दिन एक बकरे की बलि देने के बाद सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। आसपास के गांवों से हजारों लोगों भीम देवता की पूजा कर कल्याण की कामना करते है।
बलि देने की परंपरा में बदलाव:
पीढ़ी बदलने पर परिवार के मुखिया को भैंस की बलि देने की परंपरा थी। अब इस परंपरा में बदलाव हो गया है। अब प्रतीकात्मक रूप से भैस के कान और पूंछ को काटने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाता है।


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